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7h

उड़द के पत्तों के पीले होने का कारण एवं बचाव के सटीक उपाय

उड़द की खेती करने वाले किसानों के सामने पौधों के पत्ते पीले होने की समस्या बढ़ती जा रही है। इस समस्या के कई कारण होते हैं। लेकिन कई बार उचित जानकारी नहीं होने के कारण किसानों के कई प्रयासों के बाद भी फसल नष्ट हो जाती है। ऐसे में उड़द की पत्तियों के पीले होने के कारण एवं पत्तियों को पीला होने से बचाने के तरीके जानना बेहद जरूरी है। आइए इस विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

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10h

मूंग की फसल में पीलिया रोग का कारण एवं नियंत्रण

मूंग की फसल में पीलिया रोग होने पर पत्ते पीले होने लगते हैं। 30-35 दिनों की फसल में इस रोग का प्रकोप अधिक होता है। इस रोग के होने के कई कारण हैं। जिनमें येलो मोजैक वायरस रोग, रस चूसक कीटों का प्रकोप एवं पोषक तत्वों की कमी शामिल है। पौधों को पीलिया रोग से बचाने के लिए इस रोग पर नियंत्रण की जानकारी होना आवश्यक है। यदि आपकी मूंग की फसल में भी नजर आ रहे हैं इस रोग के लक्षण तो इस पर नियंत्रण के लिए इस वीडियो को ध्यान से देखें। यदि आपको इस वीडियो में दी गई जानकारी पसंद आई है तो हमारे पोस्ट को लाइक करें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें। कृषि संबंधी अधिक जानकारियों के लिए जुड़े रहें देहात से।

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13h

लेमन ग्रास की बढ़ी मांग, इस तरह खेती कर कमाएं मुनाफा

लेमनग्रास को नींबू घास के नाम से भी जाना जाता है। यह एक खुशबूदार औषधीय पौधा है। इस पौधे से सिट्रल नामक तेल प्राप्त किया जाता है। लेमनग्रास से प्राप्त तेल का उपयोग औषधि बनाने के अलावा सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण में भी किया जाता है। हमारे देश में प्रतिवर्ष लगभग 1000 मेट्रिक टन लेमनग्रास का उत्पादन होता है। विदेशों में लेमन ग्रास की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। बात करें निर्यात की तो इस समय भारत से करीब 5 करोड़ रुपए का लेमनग्रास तेल निर्यात किया जाता है। ऐसे में लेमन ग्रास की खेती करके किसान अच्छा मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। आइए लेमन ग्रास की खेती से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करें।

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25 July

धान : अच्छी पैदावार के लिए इस तरह करें उर्वरक प्रबंधन

धान की अच्छी पैदावार प्राप्त करने के लिए किसान दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। इसके बाद भी कई कारणों से किसानों को उचित पैदावार नहीं मिलती है। इन कारणों में उर्वरक प्रबंधन भी शामिल है। अधिक पैदावार एवं उच्च गुणवत्ता की फसल प्राप्त करने के लिए सही समय पर एवं सही मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करना आवश्यक है। आइए धान की फसल में उर्वरक प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

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25 July

वर्षा के मौसम में इस तरह करें पौधों की देखभाल

वर्षा के मौसम में कई बार पौधे सड़ने या खराब होने लगते हैं। इस मौसम में वातावरण में अधिक नमी होने के कारण पौधों में कई तरह के रोगों का भी प्रकोप होता है। इस मौसम में पौधों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। वर्षा में मौसम में पौधों की देखभाल से जुड़ी जानकारियों के लिए इस वीडियो को ध्यान से देखें। यदि आपको इस वीडियो में दी गई जानकारी पसंद आई है तो हमारे पोस्ट को लाइक करें एवं इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें। कृषि संबंधी अधिक जानकारियों के लिए जुड़े रहें देहात से।

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25 July

मिर्च की फसल घुरचा रोग से हो न जाए नष्ट, बचाव अपनाएं यह उपाय

मिर्च की फसल में होने वाले घुरचा रोग को कुकड़ा रोग, पत्ती मरोड़ रोग, चुरड़ा-मुरड़ा रोग, बंधा रोग, लीफ कर्ल, आदि कई नामों से जाना जाता है। कई बार सही जानकारी नहीं होने के कारण यह रोग मिर्च की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। ऐसे में आपकी इस समस्या को दूर करने के लिए हम मिर्च के पौधों में होने वाले घुरचा रोग के कारण, लक्षण एवं नियंत्रण के तरीकों पर जानकारी साझा कर रहे हैं। आइए इस विषय में विस्तार से चर्चा करें।

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24 July

नींबू : फलों के फटने से हैं परेशान, ऐसे करें बचाव

इन दिनों कई क्षेत्रों में नींबू के पलों की फटने की समस्या हो रही है। फलों का फटना किसानों के लिए किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है। कई बार फलों के फटने के कारणों की सही जानकारी नहीं होने के कारण किसान इस गंभीर रोग पर नियंत्रण नहीं कर पाते हैं। जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर नींबू के फलों को फटने से कैसे बचाएं? अगर आप भी कर रहे हैं नींबू की बागवानी तो फलों की फटने का कारण एवं फलों को फटने से बचाने के उपाय जानने के लिए इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें। आइए इस विषय पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

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24 July

सफेद मक्खियों पर नियंत्रण के सटीक उपाय

सफेद मक्खी पौधों का रस चूस कर फसल को क्षति पहुंचाती है। इसके अलावा यह कई अन्य रोगों को एक पौधे से दूसरे पौधों में फैलाने का काम करती है। समय रहते सफेद मक्खियों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो पौधे कमजोर हो जाते हैं और पौधों में फूल-फल नहीं आते हैं। इस कीट से होने वाले नुकसान एवं इस पर नियंत्रण की अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो को ध्यान से देखें। यदि आपको इस वीडियो में दी गई जानकारी पसंद आई है तो हमारे पोस्ट को लाइक करें एवं इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें। कृषि संबंधी अधिक जानकारियों के लिए जुड़े रहें देहात से।

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24 July

समेकित कीट : इस तरह करें प्रबंधन

सब्जियां, फल एवं अन्य फसलों में कई तरह के कीटों का प्रकोप होता है। जिसका सीधा असर पैदावार एवं फसलों की गुणवत्ता पर होता है। अच्छी पैदावार के लिए विभिन्न कीटों पर नियंत्रण करना आवश्यक है। कई बार सही जानकारी नहीं होने के कारण कीटों पर नियंत्रण करना बहुत कठिन हो जाता है। अगर आप भी करते हैं खेती और फसलों में लगने वाले विभिन्न कीटों के कारण हैं परेशान तो इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें। आइए समेकित कीट प्रबंधन की विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

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23 July

धान की फसल को तना सड़न रोग से बचाने के सटीक उपाय

धान की फसल में होने वाले तना सड़न रोग को स्टेम रॉट के नाम से भी जाना जाता है। इस रोग से प्रभावित पौधों का तना सड़ने लगता है। तेजी से फैलने के कारण कुछ ही दिनों में पूरी खेत की फसल इस रोग की चपेट में आ सकती है। इस रोग के होने पर पैदावार में भारी कमी आती है। फलस्वरुप किसानों को मुनाफे की जगह नुकसान का सामना करना पड़ता है। आइए धान की फसल में होने वाले तना सड़न रोग का कारण, लक्षण एवं बचाव के तरीकों पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

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