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टमाटर का फल सड़न रोग एवं रोकथाम

लेखक : Soumya Priyam

रोपाई से लेकर फलों की तुड़ाई तक टमाटर में कई तरह के रोग होते हैं। इन रोगों में फल सड़न रोग भी शामिल है। क्या आप जानते हैं कि प्रति वर्ष करीब 40 प्रतिशत टमाटर इस रोग के कारण सड़ जाते हैं। अब बात करते हैं इस रोग के लक्षण एवं इससे बचने के उपाय के बारे में।

रोग का लक्षण

  • टमाटर में फल सड़न रोग ज्यादातर खरीफ मौसम में होता है।

  • शुरुआत में फलों की नीचली सतह सड़ने लगती है।

  • रोग बढ़ने पर फलों के सड़े हुए भाग में दरारें पड़ने लगती हैं।

  • सड़े हुए भाग गोलाकार छल्ले की तरह दिखने लगते हैं।

  • इस रोग से अधिकतर लाल यानि पके हुए फल प्रभावित होते हैं।

रोकथाम के उपाय

  • फलों को मिट्टी के संपर्क में आने से बचाएं। जरूरत हो तो पौधों को लकड़ी से बांध कर सहायता दें जिससे फल जमीन में न लगे।

  • खेत में जल जमाव न होने दें।

  • रोग को फैलने से रोकने के लिए सड़े हुए फलों को नष्ट कर दें।

  • खेत तैयार करते समय प्रति एकड़ जमीन में 2 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा मिलाएं।

हमें उम्मीद है यह पोस्ट टमाटर के फल सड़न रोग से बचने के लिए मददगार साबित होगी। अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे लाइक करें एवं अन्य किसानों के साथ शेयर भी करें।

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2 September 2020

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