विवरण

तम्बाकू : उर्वरक प्रबंधन

लेखक : Pramod

तम्बाकू की खेती खरीफ और रबी दोनों मौसम में की जाती है। नकदी फसलों में इसे विशेष स्थान प्राप्त है। इसकी अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए उर्वरक प्रबंधन की जानकारी होना बहुत जरूरी है। सही समय पर पौधों की उचित मात्रा में खाद एवं उर्वरक नहीं दी जाए तो इसका सीधा असर फसलों की उपज एवं गुणवत्ता पर देखी जा सकती है। यहां से आप तम्बाकू की खेती के लिए उर्वरक प्रबंधन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

नर्सरी में उर्वरक प्रबंधन

  • नर्सरी तैयार करते समय प्रति एकड़ खेत में 140 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट मिलाएं।

मुख्य खेत में उर्वरक प्रबंधन

  • खेत में रासायनिक खाद की जगह गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद या वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग करना चाहिए।

  • प्रति एकड़ खेत में 10 टन गोबर की खाद या कम्पोस्ट खाद मिलाएं।

  • खेत तैयार करते समय प्रति एकड़ खेत में 32 किलोग्राम नाइट्रोजन, 60 किलोग्राम फास्फेट, 18 किलोग्राम पोटाश और 34 किलोग्राम कैल्शियम का प्रयोग करें।

  • मुख्य खेत में पौधों की रोपाई के बाद प्रति एकड़ भूमि में 80 किलोग्राम यूरिया का प्रयोग करना चाहिए।

  • कड़ी फसल में 3 बार यूरिया का प्रयोग करना चाहिए।

  • पहली छिड़काव के के बाद हर 45 दिनों के अंतराल पर दूसरी एवं तीसरी बार 20-20 किलोग्राम यूरिया का प्रयोग करें।

  • इस बात का ध्यान रखें कि यूरिया को पौधों की जड़ों के पास डालें।

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हमें उम्मीद है इस पोस्ट में बताई गई मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग से आप बेहतर फसल प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है तो इस पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों के साथ साझा भी करें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

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21 October 2020

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