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जानिए दुनिया की सबसे महंगी मशरूम गुच्छी के बारे में

लेखक : Dr. Pramod Murari

गुच्छी को स्पंज मशरूम, छतरी, टटमोर, डुंघरू आदि कई नामों से जाना जाता है। लैटिन भाषा में इसे मोरेल मशरूम कहते हैं। कई औषधीय गुणों से भरपूर गुच्छी भारत के कुल्लू, शिमला, मनाली, चंबा, हिमाचल प्रदेश के जंगलों में पाई जाती है। इसमें विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन डी, विटामिन सी एवं कुछ जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं। इसे नियमित रूप से खाने से ह्रदय रोग की संभावनाएं बहुत कम हो जाती हैं। इसके साथ यह कैंसर, पथरी आदि रोगों में भी लाभदायक है। भारत के अलावा यूरोप, अमेरिका, फ्रांस, इटली और स्विटज़रलैंड जैसे देशों में भी गुच्छी की भारी मांग है। बाजार में इसकी 20 से 30 हजार रूपए प्रति किलोग्राम बिक्री होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों में है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, कश्मीर की पहाड़ियों पर बिजली की गड़गड़ाहट एवं बर्फ पिघलने के बाद वहां की जंगलों में प्राकृतिक रूप से गुच्छी उगती है। झाड़ियों एवं घनी घास में पैदा होने के कारण इन गुच्छियों को ढूंढना कड़ी मेहनत का काम है। ऐसे में आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र के व्यक्ति सुबह से ही इसकी खोज के लिए जंगलों में निकल जाते हैं। दुर्लभ होने के कारण बड़ी कंपनियां एवं होटल इन्हें हाथों-हाथ खरीद लेते हैं। फरवरी मार्च के महीने में पाई जाने वाली इस गुच्छी की तुड़ाई अप्रैल एवं जून महीने में की जाती है।

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13 September 2020

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