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टमाटर की नर्सरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव

टमाटर की नर्सरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव

लेखक - Surendra Kumar Chaudhari | 20/3/2021

सब्जियों में टमाटर का सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है। सलाद के तौर पर उपयोग किए जाने के अलावा दाल एवं अन्य व्यंजनों में डालने से यह व्यंजनों का स्वाद भी बढ़ाता है। लाल पके हुए टमाटरों के अलावा कच्चे टमाटर भी इस्तेमाल किए जाते हैं। हमारे देश में शायद ही कोई घर हो जहां टमाटर न मिले। इसकी खेती किसानों के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होती है। टमाटर की खेती करने से पहले इसकी नर्सरी तैयार करने की विधि की जानकारी होना आवश्यक है। तो आइए टमाटर की नर्सरी तैयार करते समय ध्यान में रखने वाली कुछ महत्वपूर्ण बातों की जानकारी प्राप्त करें।

बीज की मात्रा

  • प्रति एकड़ खेत में टमाटर की खेती के लिए 150 से 200 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

  • प्रति एकड़ खेत में हाइब्रिड किस्मों की खेती के लिए 60 से 80 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

  • बीज उपचारित करने की विधि

  • बुवाई से पहले बीज उपचारित करना बहुत जरूरी है। इससे पौधों को कई हानिकारक रोगों एवं कीटों को बचाया जा सकता है।

  • बुवाई से पहले प्रति किलोग्राम बीज को 2 ग्राम केप्टान से उपचारित करें।

  • प्रति किलोग्राम बीज को 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा से भी उपचारित किया जा सकता है।

नर्सरी तैयार करने की विधि

  • मिट्टी का भुरभुरा होना आवश्यक है। इसलिए सबसे पहले अच्छी तरह जुताई करें।

  • जुताई के समय मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट खाद मिलाएं।

  • नर्सरी में जल जमाव होने पर डैम्पिंग ऑफ एवं कई रोगों के होने की संभावना बढ़ जाती है। जल जमाव की स्थिति से बचने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करें।

  • बीज की बुवाई के लिए जमीन की सतह से 10 से 15 सेंटीमीटर की ऊंचाई पर क्यारियां तैयार करें।

  • सभी क्यारियों पर बीज की बुवाई करें। बीज की बुवाई 5 सेंटीमीटर की दूरी एवं 2 से 3 सेंटीमीटर की गहराई में करें।

नर्सरी में पौधों की देखभाल

  • कुछ दिनों के अंतराल पर छोटे पौधों का निरीक्षण करें।

  • रोग के लक्षण नजर आने पर प्रभावित पौधों को स्वस्थ पौधों से अलग करें।

  • छोटे पौधों को रोग एवं कीटों के प्रकोप से बचाने के लिए 1 लीटर पानी में 2 मिलीलीटर नीम का तेल मिला कर छिड़काव करें।

  • इसके अलावा आप प्रति लीटर पानी में 2 ग्राम मैंकोजेब मिला कर भी छिड़काव कर सकते हैं।

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हमें उम्मीद है इस पोस्ट में बताई गई बातों पर अमल कर के आप नर्सरी में टमाटर के स्वस्थ पौधे तैयार कर सकते हैं। यदि आपको यह जानकारी आवश्यक लगी है तो इस पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों के साथ साझा भी करें। जिससे अन्य किसान मित्र भी जानकारी का लाभ उठा सकें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

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