Beej se bajar tak
 खोजें
 / 
 / 
शलजम : बेहतर पैदावार के लिए रखें इन बातों का रखें ध्यान

शलजम : बेहतर पैदावार के लिए रखें इन बातों का रखें ध्यान

लेखक - Surendra Kumar Chaudhari | 10/8/2021

शलजम ठंड के मौसम में खेती की जाने वाली कुछ जड़ वाली फसलों में शामिल है। इसका सब्जी एवं सलाद के तौर पर सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। इसके अलावा शलजम का वनस्पतिक भाग यानी इसकी पत्तियां पशुओं के लिए पौष्टिक आहार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस मौसम अगर आप भी करना चाहते हैं तो शलजम की खेती तो इससे जुड़ी कुछ जानकारियां होना आवश्यक है। आइए इस पोस्ट के माध्यम से शलजम की खेती पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

शलजम की खेती का उपयुक्त समय

  • मैदानी क्षेत्रों में इसकी खेती सितम्बर से अक्टूबर महीने में करनी चाहिए।

  • पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी खेती के लिए जुलाई से अक्टूबर तक का महीना उपयुक्त है।

उपयुक्त मिट्टी एवं जलवायु

  • इसकी खेती कई तरह की मिट्टी में सफलतापूर्वक की जा सकती है।

  • अच्छी पैदावार के लिए जीवांशयुक्त उपजाऊ दोमट मिट्टी एवं रेतीली दोमट मिट्टी में खेती करें।

  • ठंडे जलवायु में इसकी खेती करनी चाहिए।

  • पौधों के विकास के लिए करीब 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान होना आवश्यक है।

  • बीज की मात्रा एवं बीज उपचारित करने की विधि

  • प्रति एकड़ भूमि में खेती करने के लिए 1.2 से 1.6 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

  • बुवाई से पहले प्रति किलोग्राम बीज को 3 ग्राम बाविस्टिन या कैप्टान से उपचारित करें।

खेत तैयार करने की विधि

  • शलजम एक जड़ वाली फसल है। जड़ों के बेहतर विकास के लिए मिट्टी का भुरभुरा होना आवश्यक है।

  • खेत तैयार करते समय सबसे पहले मिट्टी पलटने वाली हल से 1 बार गहरी जुताई करें।

  • इसके बाद 2 से 3 बार हल्की जुताई करें।

  • बीज की बुवाई लाइन में करें।

  • सभी लाइनों के बीच 30 से 40 सेंटीमीटर की दूरी रखें।

  • पौधों से पौधों की दूरी 10 से 15 सेंटीमीटर रखें।

  • बीज की बुवाई 2-3 सेंटीमीटर की गहराई पर करें।

सिंचाई एवं खरपतवार नियंत्रण

  • बुवाई के 8 से 10 दिनों बाद सिंचाई करें।

  • इसके बाद हर 10 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें।

  • खरपतवार पर नियंत्रण के लिए खेत में निराई-गुड़ाई करें।

  • शलजम की फसल में करीब 2 से 3 बार निराई-गुड़ाई करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें :

हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको इस पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई है तो इस पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों के साथ साझा भी करें। जिससे अन्य किसान मित्र भी इस जानकारी का लाभ उठाते शलजम की बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

11 लाइक और 0 कमेंट
यह भी पढ़ें -
शलजम : करें इन किस्मों की खेती, होगी अधिक पैदावार
शलजम : करें इन किस्मों की खेती, होगी अधिक पैदावार
संबंधित वीडियो -
शलजम की खेती

कृषि विशेषज्ञ से मुफ़्त सलाह के लिए हमें कॉल करें

farmer-advisory

COPYRIGHT © DeHaat 2022

Privacy Policy

Terms & Condition

Contact Us

Know Your Soil

Soil Testing & Health Card

Health & Growth

Yield Forecast

Farm Intelligence

AI, ML & Analytics

Solution For Farmers

Agri solutions

Agri Input

Seed, Nutrition, Protection

Advisory

Helpline and Support

Agri Financing

Credit & Insurance

Solution For Micro-Entrepreneur

Agri solutions

Agri Output

Harvest & Market Access

Solution For Institutional-Buyers

Agri solutions

Be Social With Us:
LinkedIn
Twitter
Facebook