Details

पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य एवं दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक चारा

Author : Dr. Pramod Murari

पशुओं में दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन कराना आवश्यक है। खान-पान का ध्यान नहीं रखने पर पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर होता है। जिसका सीधा असर दूध उत्पादन पर होता है। आइए पशुओं को दिए जाने वाले पौष्टिक चारा पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

दुधारू पशुओं के लिए पौष्टिक चारा

  • लूसर्न और बरसीम : यह दोनों चारे स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत उपयोगी है। इनमें प्रोटीन की मात्रा 15 से 20 प्रतिशत होती है।

  • दूब, हलीम और झरूआ : इन सभी घासों में दूब सबसे उपयुक्त है। इसके अलावा झरूआ भी एक बेहतर और दानेदार घास है।

  • जौ एवं जई : इसके सेवन से पशुओं में दूध उत्पादन की क्षमता में वृद्धि होती है। जई को हरे चारे के तौर पर देना चाहिए। वहीं जौ का सूखा भूसा भी खिलाया जा सकता है।

  • ज्वार : हरे चारे के तौर पर यह सबसे बेहतर है। इसके साथ ही सूखे चारे के तौर पर भी खिलाया जा सकता है।

  • मक्का : गर्मी के दिनों में हरे चारे की कमी होने पर यह एक बहत विकल्प है। इसे ग्वार एवं लौबिया के पौधों के साथ मिलाकर पशुओं को दिया जा सकता है।

  • ग्वार एवं लोबिया : गर्मी में मौसम में उपलब्ध होने वाला हरा चारा। इसका सेवन पशुओं के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

  • सरसों : सरसों की तासीर गर्म।  इसे अन्य चारे के साथ मिलाकर खिलाने पर दूध की मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है।

  • मटर : यह कार्बोहाइड्रेट से भरपूर है। इसे जौ आदि के साथ में मिलाकर खिलाना चाहिए।

  • चना और मसूर : चने के पौधे में क्षार की बहुत अधिकता होने के कारण इसे मसूर एवं अन्य चारों के साथ मिलाकर खिलाना चाहिए।

  • उड़द एवं मूंग : इनमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसके सेवन से पशुओं में दूध की मात्रा एवं दूध की गुणवत्ता बेहतर होती है।

यह भी पढ़ें :

हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको यह जानकारी पसंद आई है तो हमारे पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों एवं पशु पालकों के साथ साझा भी करें। जिससे अधिक से अधिक किसान एवं पशु पलकों तक यह जानकारी पहुंच सके। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

12 Likes

1 Comment

18 August 2021

share

No comments

Ask any questions related to crops

Call our customer care for more details
Take farm advice