Beej se bajar tak
 खोजें
 / 
 / 
पपीता : पौधों की रोपाई के समय उर्वरक प्रबंधन

पपीता : पौधों की रोपाई के समय उर्वरक प्रबंधन

लेखक - Surendra Kumar Chaudhari | 8/12/2020

पपीता के पौधों की रोपाई के समय सही मात्रा में उर्वरक के प्रयोग से पौधे स्वस्थ रहते हैं और उनके विकास भी अच्छी तरह होता है। अगर आप पपीता की खेती कर रहे हैं और उर्वरकों की मात्रा की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें।

  • मुख्य खेत में पौधों की रोपाई से करीब 15 दिन पहले खेत में गड्ढे तैयार करें।

  • गड्ढों की गहराई 50 सेंटीमीटर एवं चौड़ाई 50 सेंटीमीटर रखें।

  • गड्ढों के बीच 2 मीटर की दूरी रखें।

  • गड्ढों को तैयार करके कुछ दिनों तक खुला रहने दें। इससे खेत में मौजूद खरपतवार एवं विभिन्न कीट नष्ट हो जाएंगे।

  • पौधों की रोपाई के समय सभी गड्ढों में बराबर मात्रा में मिट्टी एवं गोबर के साथ 50 ग्राम एल्ड्रिन मिलाकर भरें।

  • गड्ढों को भरते समय नीम की खली का भी प्रयोग कर सकते हैं।

  • गड्ढों को भरते समय मिट्टी को जमीन की सतह से थोड़ी ऊंचाई तक भरें।

  • प्रति पौधे को 1 वर्ष में 250 ग्राम नाइट्रोजन, 150 ग्राम फास्फोरस एवं 250 ग्राम पोटाश की आवश्यकता होती है।

  • खाद की इस मात्रा को 2 से 4 बार में दें।

  • पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग करने से बेहतर परिणाम मिलेंगे।

यह भी पढ़ें :

हमें उम्मीद है यह पोस्ट आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी है तो हमारे पोस्ट को लाइक करें एवं इससे अन्य किसान मित्रों के साथ साझा भी करें। पपीता की खेती से जुड़े सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

35 लाइक और 4 कमेंट
यह भी पढ़ें -
पपीता : नर्सरी में आर्द्रगलन रोग
पपीता : नर्सरी में आर्द्रगलन रोग
संबंधित वीडियो -
पपीता में तना गलन रोग

कृषि विशेषज्ञ से मुफ़्त सलाह के लिए हमें कॉल करें

farmer-advisory

COPYRIGHT © DeHaat 2022

Privacy Policy

Terms & Condition

Contact Us

Know Your Soil

Soil Testing & Health Card

Health & Growth

Yield Forecast

Farm Intelligence

AI, ML & Analytics

Solution For Farmers

Agri solutions

Agri Input

Seed, Nutrition, Protection

Advisory

Helpline and Support

Agri Financing

Credit & Insurance

Solution For Micro-Entrepreneur

Agri solutions

Agri Output

Harvest & Market Access

Solution For Institutional-Buyers

Agri solutions

Be Social With Us:
LinkedIn
Twitter
Facebook