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फूलगोभी : स्वस्थ पौधों के लिए इस तरह तैयार करें नर्सरी

फूलगोभी : स्वस्थ पौधों के लिए इस तरह तैयार करें नर्सरी

लेखक - Surendra Kumar Chaudhari | 7/8/2021

उच्च गुणवत्ता की फसल प्राप्त करने के लिए पौधों का स्वस्थ होना आवश्यक है। नर्सरी तैयार करने में हमारी थोड़ी से लापरवाही पौधों को नष्ट कर सकती है। अब सवाल यह उठता है कि फूलगोभी की खेती के लिए नर्सरी कैसे तैयार की जाए? तो आपकी इस समस्या को दूर करने के लिए इस पोस्ट के माध्यम से हम फूलगोभी की नर्सरी तैयार करने की विधि साझा कर रहे हैं। इसके साथ ही आप यहां से बीज की मात्रा, बीज उपचारित करने की विधि, आदि जानकारियां भी प्राप्त कर सकते हैं। आइए इस विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

नर्सरी तैयार करने का सही समय

  • फूलगोभी की नर्सरी तैयार करने के लिए जुलाई-अगस्त का महीना सबसे उपयुक्त है।

नर्सरी के लिए स्थान का चयन

  • नर्सरी तैयार करने के लिए ऐसे स्थान का चयन करना चाहिए जहां प्रतिदिन कम से कम 2-3 घंटे धूप आती हो।

नर्सरी तैयार करने की विधि

  • बीज का जमाव के लिए मिट्टी का भुरभुरा होआ आवश्यक है। इसके लिए सबसे पहले 1 बार गहरी जुताई करें।

  • इसके बाद 2 से 3 बार हल्की जुताई कर के मिट्टी को भुरभुरी बना लें।

  • स्वस्थ पौधों के लिए मिट्टी में सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं।

  • बीज की रोपाई के लिए नर्सरी में क्यारियां तैयार करें।

  • जल जमाव होने से छोटे पौधों के सड़ने की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए नर्सरी में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।

बीज की मात्रा एवं बीज उपचारित करने की विधि

  • प्रति एकड़ भूमि में खेती करने के लिए 240 से 280 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

  • पौधों को फफूंद जनित रोगों से बचाने के लिए प्रति किलोग्राम बीज को 3 ग्राम कार्बेन्डाजिम से उपचारित करें।

  • इसके अलावा प्रति किलोग्राम बीज को 4 ग्राम ट्राइकोडर्मा विरिडी से भी उपचारित कर सकते हैं।

बीज की बुवाई की विधि

  • बुवाई से पहले बीज को 5-6 घंटों तक पानी में डाल कर रखें। इससे अंकुरण में आसानी होती है।

  • अब सभी क्यारियों पर 1 से 2 सेंटीमीटर की दूरी पर बीज की बुवाई करें।

  • बुवाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें।

  • मिट्टी में नमी की कमी होने पर आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करें।

  • नर्सरी में करीब 25 से 30 दिनों में पौधे मुख्य खेत में रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं।

  • जड़ टूटने पर पौधे नष्ट हो जाते हैं। इसलिए मुख्य खेत में रोपाई के लिए सावधानी से पौधों को निकालें।

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