Beej se bajar tak
 खोजें
 / 
 / 
फरवरी महीने में करें इन 5 फसलों की खेती, होगी भरपूर कमाई

फरवरी महीने में करें इन 5 फसलों की खेती, होगी भरपूर कमाई

लेखक - Dr. Pramod Murari | 3/2/2022

अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए सह समय पर बुवाई करना बहुत जरूरी है। अगर आप भी फरवरी महीने में खेती करना चाहते हैं तो इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें। यहां से आप इस समय खेती की जाने वाली 5 फसलों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आइए इस विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

  • पेठा : प्रमुख कद्दूवर्गीय फसलों में पेठा भी शामिल है। इसकी बुवाई के लिए फरवरी का महीना उपयुक्त है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में इसकी बुवाई जून-जुलाई महीने में भी की जाती है। प्रति एकड़ भूमि में खेती करने के लिए 2.4 से 3.2 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। बुवाई से पहले प्रति किलोग्राम बीज को 2 ग्राम कार्बेंडाजिम से उपचारित करें। बेहतर पैदावार के लिए आप पेठा की कोयम्बटूर 1, काशी धवल, पूसा विश्वास, काशी उज्ज्वल, कोयम्बटूर 2, पूसा हाइब्रिड, नरेन्द्र अमृत, संकर नरेन्द्र काशीफल 1, आदि किस्मों का चयन कर सकते हैं।

  • सूरजमुखी : यह समय सूरजमुखी की बुवाई के लिए सर्वोत्तम है। ज्वालामुखी, एम.एस.एफ.एच 4, के.वी.एस.एच 1, एम.एस.एफ.एच 19, आदि सूरजमुखी की बेहतरीन किस्में हैं। बेहतर फसल प्राप्त करने के लिए इन किस्मों का चयन कर सकते हैं। बुवाई के समय पौधों से पौधों की दूरी करीब 30 सेंटीमीटर रखें।

  • भिंडी : हरी सब्जियों में भिंडी की मांग अधिक होती है। इस समय इसकी खेती कर के किसान अच्छा मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। इसकी बुवाई से पहले बीज को 12 से 24 घंटों तक पानी में डाल कर रखें। इससे बीज जल्दी अंकुरित होते हैं। बीज की बुवाई 20 से 25 सेंटीमीटर की दूरी पर एवं 2 से 3 सेंटीमीटर की गहराई में करें।

  • मिर्च : मिर्च के बिना कई व्यंजनों का ज़ायका कम हो जाता है। इसलिए इसकी मांग सभी मौसम में होती है। उच्च गुणवत्ता की फसल प्राप्त करने के लिए खोला मिर्च, सिंदूर, ज्वाला मिर्च, कल्याणपुर चमत्कार, अर्का मेघना, जवाहर मिर्च-218, आदि किस्मों की खेती कर सकते हैं।

  • मूंग : जायद मौसम सिंचाई की उचित व्यवस्था होने पर में मूंग की बुवाई फरवरी महीने में कर सकते हैं। बुवाई से पहले प्रति किलोग्राम बीज को 2 ग्राम थीरम या 1 ग्राम कार्बेंडाजिम से उपचारित करें। इसके बाद प्रति किलोग्राम बीज को 5 ग्राम राइजोबियम कल्चर से भी उपचारित करें। इस तरह बीज उपचारित कर के हम फसल को कई घातक रोगों एवं कीटों से बचा सकते हैं।

यह भी पढ़ें :

हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको इस पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई है तो इस पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों के साथ साझा भी करें। जिससे अधिक से अधिक किसान मित्र इस जानकारी का लाभ उठा सकें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें। कृषि संबंधी अधिक जानकारियों के लिए जुड़े रहें देहात से।

11 लाइक और 0 कमेंट
यह भी पढ़ें -
संबंधित वीडियो -
जानें अनाज भंडारण का सही तरीका

कृषि विशेषज्ञ से मुफ़्त सलाह के लिए हमें कॉल करें

farmer-advisory

COPYRIGHT © DeHaat 2022

Privacy Policy

Terms & Condition

Contact Us

Know Your Soil

Soil Testing & Health Card

Health & Growth

Yield Forecast

Farm Intelligence

AI, ML & Analytics

Solution For Farmers

Agri solutions

Agri Input

Seed, Nutrition, Protection

Advisory

Helpline and Support

Agri Financing

Credit & Insurance

Solution For Micro-Entrepreneur

Agri solutions

Agri Output

Harvest & Market Access

Solution For Institutional-Buyers

Agri solutions

Be Social With Us:
LinkedIn
Twitter
Facebook