Beej se bajar tak
 खोजें
 / 
 / 
मूंग : पौधों में फल-फूल आने के समय करें कीटों पर नियंत्रण

मूंग : पौधों में फल-फूल आने के समय करें कीटों पर नियंत्रण

लेखक - Dr. Pramod Murari | 5/6/2022

मूंग एक दलहनी फसल है। मूंग की खेती राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में की जाती है। मूंग में पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही ज्वर और पेट संबंधी बीमारियों में यह एक लाभदायक भोजन माना जाता है। मूंग की फसल में फूल और फल लगने के समय कीटों और रोगों का खतरा

अधिक होता है। ये कीट फूलों और फलियों से रस चूसकर या फलों एवं पत्तियों में छेद कर फसल की पैदावार को घटाते हैं। कीटों और रोगों का प्रारंभिक उपचार करना आवश्यक होता है। अन्यथा ये बाद में फसल में पूरी तरह से फैल कर फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। मूंग में फल-फूल आने के समय रोग एवं कीटों पर नियंत्रण के तरीके यहां से देखें।

फल-फूल के समय लगने वाले कुछ प्रमुख रोग एवं कीट

  • रस चूसक कीट: मूंग में माहू, सफेद मक्खी, मोयला और हरा तेला जैसे रस चूसक कीटों का प्रकोप अधिक देखने को मिलता है। ये कीट पत्तियों की निचली सतह पर समूह में बैठ कर पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को प्रभावित करते हैं। जिससे पत्तियां पीली होकर कमजोर हो जाती हैं और सूख कर गिर जाती हैं। इस पर नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 200 एस.एल का 200 मिलीलीटर मात्रा का प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करना चाहिएI आवश्कता होने पर दूसरा छिड़काव 15 दिन के अंतराल पर करेंI

  • बलिस्टर बीटल: यह कीट फलियों और फूलों को अपना निशाना बनाते हैं। इस कीट के कारण पौधों में दाने नहीं बन पाते हैं और फसल की पैदावार में कमी आती है। इस पर नियंत्रण के लिए इंडोएक्साकार्ब 14.5 एस सी 200 मिलीलीटर या एसीफेट 75 एस सी 800 ग्राम की प्रति एकड़ में छिड़काव करें। आवश्यकता होने पर 10 दिनों के बाद दोबारा छिड़काव करें।

  • चने की इल्ली: यह कीट फलियों में छेद कर दानों को खा जाते हैं। कीट का सिर अंदर और शरीर बाहर की तरफ लटका रहता है। कीट पर नियंत्रण के लिए डेल्टामेथ्रीन 28 ई.सी 300 मिलीलीटर मात्रा को 240 से 280 लीटर पानी के साथ प्रति एकड़ में छिड़काव करें।

  • चित्ती जीवाणु रोग: यह रोग पत्तियों, फली और तनों पर छोटे गहरे भूरे धब्बे बनाता है। इस रोग के कारण स्टेप्टोसायक्लीन की 20 ग्राम मात्रा को 200 लीटर पानी में घोल कर प्रति एकड़ में छिड़काव करें।

यह भी पढ़ें:

ऊपर दी गयी जानकारी पर अपने विचार और कृषि संबंधित सवाल आप हमें कमेंट बॉक्स में लिख कर भेज सकते हैं। यदि आपको आज के पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो इसे लाइक करें और अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें। जिससे अधिक से अधिक किसान इस जानकारी का लाभ उठा सकें। साथ ही कृषि संबंधित ज्ञानवर्धक और रोचक जानकारियों के लिए जुड़े रहें देहात से।


2 लाइक और 0 कमेंट
यह भी पढ़ें -
संबंधित वीडियो -
गिडार कीट से कैसे करें अपने मूंग की फसल का बचाव?

कृषि विशेषज्ञ से मुफ़्त सलाह के लिए हमें कॉल करें

farmer-advisory

COPYRIGHT © DeHaat 2022

Privacy Policy

Terms & Condition

Contact Us

Know Your Soil

Soil Testing & Health Card

Health & Growth

Yield Forecast

Farm Intelligence

AI, ML & Analytics

Solution For Farmers

Agri solutions

Agri Input

Seed, Nutrition, Protection

Advisory

Helpline and Support

Agri Financing

Credit & Insurance

Solution For Micro-Entrepreneur

Agri solutions

Agri Output

Harvest & Market Access

Solution For Institutional-Buyers

Agri solutions

Be Social With Us:
LinkedIn
Twitter
Facebook