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मूंग : अधिक पैदावार के लिए जानें सिंचाई का सही समय

Author : Lohit Baisla

मूंग एक दलहनी फसल है। इसकी खेती खरीफ और रबी दोनों मौसम में की जाती है। भारत में मूंग की खेती मुख्यत: पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में की जाती है। फसल की अच्छी उपज के लिए देखभाल बहुत जरूरी है। किसी भी फसल से पैदावार लेने के लिए पानी बहुत आवश्यक है। इसके अभाव में फसल के उत्पादन पर सीधा असर देखने को मिलता है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम किसानों को मूंग की फसल में पानी देने का सही समय एवं मात्रा की जानकारी दे रहे हैं। किसान इस जानकारी का लाभ उठा, फसल से अच्छी उपज लेकर मुनाफा कमा सकते हैं।

मूंग की फसल में सिंचाई का समय

  • ग्रीष्म ऋतु की फसल में 10 से 15 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें।

  • फली बनते समय खेत में हल्की सिंचाई करें।

  • फसल पकने से 15 दिन पहले खेत में पानी देना बंद कर दें।

  • ध्यान रखें कि बारिश के समय खेत में पानी न भरें।

  • जायद मौसम की फसल में 4 से 5 बार सिंचाई करें।

  • वहीं भारी भूमि में 2 से 3 बार ही सिंचाई की आवश्यकता होती है।

  • फसल में शाखाएं बनते समय एवं दाना भरते समय मिट्टी में नमी जरूर रखें।

मूंग की खेती के समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • फसल की बुआई के लिए प्रमाणित बीज का ही प्रयोग करें।

  • अपने क्षेत्र और जलवायु के हिसाब से ही बीज की किस्मों का चयन करें।

  • फसल की बुआई समय से करें।

  • बीज से पहले बीजों का उपचार अवश्य करें।

  • खाद का प्रयोग अत्यधिक न करें।

  • सही समय पर उचित उर्वरक का प्रयोग करें।

  • खरपतवार को नियंत्रण में रखें।

  • खेत में पानी न भरने दें।

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आशा है कि यह जानकारी आपके लिए लाभकारी साबित होगी। यदि आपको यह जानकारी पसंद आई है तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लाइक करें और अपने किसान मित्रों के साथ जानकारी साझा करें। जिससे अधिक से अधिक लोग इस जानकारी का लाभ उठा सकें और मूंगफली की खेती में समय से पानी देकर फसल से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। इससे संबंधित यदि आपके कोई सवाल हैं तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। कृषि संबंधी अन्य रोचक एवं महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए जुड़े रहें देहात से।

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27 April 2022

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