Details

मखाना की खेती में उर्वरकों का प्रबंधन

Author : Surendra Kumar Chaudhari

भारत विश्व का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक देश है। मखाना पानी में होने वाली फसल है। इसके पत्ते कांटेदार होते हैं, जिन पर फूल बनने के बाद 2 से 4 दिनों में ही बीज बनने शुरू हो जाते हैं। भारत में मखाना की खेती पारंपरिक तरीके से की जाती है। जिसमें खाद एवं उर्वरकों का अधिक प्रयोग करने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती है। लेकिन पोषक तत्वों की कमी की स्थिति में मखाना में उर्वरक की आवश्यकता हो सकती है। मखाना की खेती में उर्वरक प्रबंधन से जुड़ी अधिक जानकारी आप दी गयी वीडियो से प्राप्त कर सकते हैं। यदि वीडियो में दी गयी जानकारी आपको पसंद आए तो वीडियो को लाइक और शेयर करें, जिससे अन्य किसान भी इस जानकारी का लाभ उठा सकें। वीडियो को अंत तक देखें और संबंधित सवाल कमेंट के माध्यम से पूछें। साथ ही पशुपालन और कृषि संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए जुड़े रहें देहात से।

6 May 2022

share

No comments

Ask any questions related to crops

Call our customer care for more details
Take farm advice