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मिर्च और बैंगन की फसल में उकठा रोग से बचाव के उपाय

Author : Lohit Baisla

मिर्च एवं बैंगन की फसल को उकठा रोग से भारी क्षति पहुंचती है। उकठा रोग को फ्यूजेरियम विल्ट के नाम से भी जाना जाता है। मिर्च एवं बैंगन के अलावा अरहर, गन्ना, चना, टमाटर, मटर, मसूर, सेम, कद्दू, कपास, अंगूर, आदि फसलें भी प्रभावित होती हैं। उकठा रोग फ्यूजेरियम समूह के फफूंद के कारण होता है। आइए जानते हैं मिर्च और बैंगन की फसल को उकठा रोग से बचाने के तरीके।

उकठा रोग का कारण

  • यह एक फफूंद जनित रोग है। यह फफूंद मिट्टी में काफी लंबे समय तक रहते हैं।

  • मौसम में होने वाला बदलाव भी इस रोग का प्रमुख कारण है।

उकठा रोग का लक्षण

  • शुरुआत में पौधों की ऊपरी पत्तियां मुरझाने लगती हैं।

  • इस रोग से प्रभावित पौधों की पत्तियां नीचे की तरफ झुकने लगती हैं।

  • कुछ समय बाद पत्तियां पीली हो कर सूखने लगती हैं।

  • समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो पूरा पौधा पीला हो कर सूख जाता है।

उकठा रोग पर कैसे करें नियंत्रण?

  • फसल चक्र अपनाएं।

  • पौधों को लगाने से पहले खेत की एक बार गहरी जुताई करें। इससे खेत में पहले से मौजूद फफूंद तेज के कारण नष्ट हो जाएंगे।

  • भूमि शोधन के लिए खेत तैयार करते समय प्रति एकड़ खेत में 40 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर की खाद में 1.5 से 2 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा विरिडी मिला कर प्रयोग करें।

  • बुवाई से पहले प्रति किलोग्राम बीज को 2 ग्राम थीरम से उपचारित करें।

  • खड़ी फसल में रोग के लक्षण नजर आने पर संक्रमित पौधों को सावधानी पूर्वक खेत से बाहर निकाल कर नष्ट कर दें।

  • रोग के लक्षण दिखने पर कार्बेन्डाजिम 50 डब्लू.पी 0.2 प्रतिशत घोल को पौधों की जड़ों में डालें।

  • इसके अलावा 15 लीटर पानी में 25 ग्राम देहात फुल स्टॉप मिला कर छिड़काव करने से भी इस रोग पर आसानी से नियंत्रण किया जा सकता है।

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इस पोस्ट में बताई गई दवाओं एवं अन्य उपायों को कर आप मिर्च एवं बैंगन की फसल में आसानी से उकठा रोग पर नियंत्रण प्राप्त कर सकते हैं। हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको इस पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई है तो हमारे पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों के साथ साझा भी करें। जिससे अन्य किसान मित्र भी इस जानकारी का लाभ उठा सकें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

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11 May 2021

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