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लहसुन की खेती

Author : Surendra Kumar Chaudhari

हमारे देश में मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा में बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती की जाती है। इसकी कलियों को कच्चा एवं पका कर उपयोग किया जाता है। तीखे स्वाद एवं तेज सुगंध के कारण मसालों में इसे एक विशेष स्थान प्राप्त है। इस मौसम अगर आप इसकी खेती करना चाहते हैं तो जानकारियां यहां से प्राप्त करें।

मिट्टी एवं जलवायु

  • अच्छी पैदावार के लिए इसकी खेती के लिए जैविक पदार्थों से भरपूर बलुई दोमट मिट्टी का चयन करें।

  • इसके अलावा इसकी खेती मध्यम काली मिट्टी से लेकर चिकनी बलुई मिट्टी में भी कर सकते हैं।

  • मिट्टी का पी.एच स्तर 5.8 से 6.5 होना चाहिए।

  • मध्यम ठंड जलवायु में हम उच्च गुणवत्ता की फसलें प्राप्त कर सकते हैं।

बीज की मात्रा

  • प्रति एकड़ खेत में खेती करने के लिए 225 से 250 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

खेत की तैयारी एवं उर्वरक की मात्रा

  • सबसे पहले मिट्टी पलटने वाली हल से 1-2 बार गहरी जुताई करें।

  • इसके बाद 2-3 बार हल्की जुताई करके मिट्टी को भुरभुरी बना लें।

  • आखिरी जुताई के समय प्रति एकड़ खेत में 8 से 10 टन सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट खाद मिलाएं।

  • प्रति एकड़ खेत में 40 किलोग्राम नाइट्रोजन, 20 किलोग्राम फास्फोरस एवं 20 किलोग्राम पोटाश की आवश्यकता होती है।

  • फास्फोरस एवं पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा खेत की अंतिम जुताई के समय समान रूप से मिलाएं।

  • बुवाई के 30-35 दिनों बाद बचे हुए नाइट्रोजन का छिड़काव करें।

  • बुवाई के लिए खेत में क्यारियां तैयार कर लें।

  • क्यारियों में बुआई करने से सिंचाई एवं खरपतवार पर नियंत्रण करने में आसानी होती है।

सिंचाई एवं खरपतवार नियंत्रण

  • बुवाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें।

  • इसके बाद आवश्यकता के अनुसार 8 से 10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें।

  • खरपतवार पर नियंत्रण के लिए खेत में समय-समय पर निराई-गुड़ाई करते रहें।

  • बुवाई के 72 घंटों के अंदर प्रति एकड़ खेत में 200 लीटर पानी में 1 लीटर पैंडीमैथलीन मिलाकर छिड़काव करने से खरपतवार से निजात पा सकते हैं।

कटाई

  • जब पत्तियां करीब 50 प्रतिशत तक पीली हो जाएं तब इसकी कटाई के लिए समय उपयुक्त है।

  • बुवाई के लगभग 135 से 150 दिनों के बाद फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है।

  • कटाई से 15 दिन पहले खेत में सिंचाई बंद कर दें।

  • पौधों को उखाड़ कर छोटे गुच्छों में बांध लें और 2-3 दिनों तक धूप में सूखने दें।

  • इसके बाद इसकी गांठों को साफ कर लें।

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इस पोस्ट में बताए गए तरीके से लहसुन की खेती करने से आप लहसुन की बेहतरीन फसल प्राप्त कर सकते हैं। यदि आपको यह जानकारी पसंद आई है तो हमारे पोस्ट को लाइक करें। लहसुन की खेती से जुड़े सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

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12 October 2020

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