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लैवेंडर की उन्नत किस्में जो बना सकती हैं आपको मालामाल

Author : Surendra Kumar Chaudhari

जम्मू कश्मीर के लगभग सभी जिलों में लैवेंडर की खेती की जाती है। बीते कई वर्षों से चली आ रही इस खेती ने न केवल कई प्रकार के उत्पादों के निर्माण में अपना योगदान दिया है, बल्कि इसकी तरह-तरह की किस्मों की खेती से किसानों ने भी आय में भरपूर मुनाफा कमाया है। ये किस्में पौधों की ऊंचाई, फूलों के रंग और तेल मात्रा के आधार पर भिन्न होती हैं। इसके अलावा क्षेत्र के आधार पर भी ये किस्में अलग-अलग मात्रा में पैदावार देने के लिए जानी जाती हैं।

लैवेंडर की खेती बीजों की बुवाई एवं कलम रोपाई दोनों रूप में की जा सकती है। साथ ही जलवायु भूमि प्रबंधन, उपयुक्त मिट्टी एवं बुवाई के तरीके जैसी मुख्य जानकारी का होना फसल में हमेशा ही लाभ को बढ़ाते हुए आया है। लैवेंडर की खेती से जुड़ी ये सभी महत्वपूर्ण जानकारी आप देहात ऐप के औषधीय पौधे नामक टैग का चयन कर पा सकते हैं। इसके अलावा भी इस टैग में कई अन्य प्रकार के औषधियों पौधों की खेती की जानकारी अपलोड की गई है, जिनका चयन आप अपने क्षेत्र के अनुसार कर सकते हैं।

लैवेंडर की उन्नत किस्में

लेडी लैवेंडर- यह किस्म लैंवेडर की बौनी किस्मों में से एक है। पौधों की लम्बाई 40 से 45 सेंटीमीटर तक होती है एवं पौधों पर नीले रंग के फूल देखने को मिलते हैं। यह किस्म के पौधे चौड़ाई में न फैल कर लंबाई में अधिक वृद्धि करते हैं साथ ही किसान इस किस्म को लगाकर 20 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से तेल का उत्पादन पा सकते हैं।

बीच वुड ब्लू- लैंवेडर की यह किस्म सबसे अधिक तेल उत्पादन वाली किस्मों में से एक है। इस किस्म के पौधे 2 फीट तक लंबे हो सकते हैं, जिन पर बैंगनी नीले रंग के फूल निकलते हैं। इस किस्म की खेती कर किसान प्रति एकड़ 26 किलोग्राम तक तेल की पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।

मेलिसा लिलाक- अधिक लंबाई वाले पौधों की श्रेणी में आने वाली यह किस्म 60 से 75 सेंटीमीटर तक वृद्धि करती है। इस किस्म के पौधे हल्के लाल रंग के होते हैं और अन्य किस्मों की अपेक्षा आकार में भी बड़े होते हैं। इस किस्म से प्रति एकड़ 22 से 24 किलोग्राम तक तेल प्राप्ति की जा सकती है।

रोजा लैवेंडर- यह गुलाबी रंग वाली फूलों की एक किस्म है। जिसके पौधे 40 सेंटीमीटर तक बढ़ सकते हैं। बौनी प्रजाति के अंतर्गत आने वाली इस किस्म की खेती से प्रति एकड़ 10 से 20 किलोग्राम तेल प्राप्त किया जा सकता है।

भोर ए कश्मीर लैवेंडर- 2 फीट से अधिक पौधों की लंबाई वाली यह किस्म किसानों की पसंदीदा किस्मों में से एक है। इस किस्म के फूल नीले रंग के होते हैं एवं प्रति एकड़ 32 किलोग्राम तेल उपज दे सकते हैं।

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लैवेंडर की खेती से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप टोल फ्री नंबर 1800-1036-110 के माध्यम से देहात के कृषि विशेषज्ञों से जुड़कर उचित सलाह लें सकते हैं। इस जानकारी को अन्य किसानों तक पहुंचाने के लिए इस पोस्ट को लाइक और शेयर करना न भूलें।


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5 December 2022

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