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एम.ए.सी.एस. 6478 गेंहू

एम.ए.सी.एस. 6478 गेंहू

लेखक - Dr. Pramod Murari | 18/1/2021
  • एम.ए.सी.एस. 6478 गेंहू बीज पुणे के अगरकर रिसर्च इंस्टीट्यूट (ARI) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया है।
  • इस बीज ने महाराष्ट्र के एक गाँव करंजखोप में किसानों की फसल पैदावार को दोगुना कर दिया है।
  • महाराष्ट्र, सतारा जिले की कोरेगाँव तहसील के गाँव में अब किसानों को इस नई किस्म के साथ 45-60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज मिल रही है, जबकि इससे पहले औसत उपज 25-30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी, जिसमें वे लोक 1, एचडी 2189 और अन्य पुरानी किस्मों से बिजाई करते थे।
  • नवीन विकसित इस गेहूं या ब्रेड गेहूं की किस्म जिसे उच्च उपज देने और व्यापक रूप से बिजाई किए जाना वाला भी कहा जाता है। यह लगभग 110 दिनों में पक कर तैयार हो जाता है और पत्ती तने के जंग की अधिकांश नस्लों के लिए यह प्रतिरोधी है।
  • भूरे पीले रंग व मध्यम आकार के इस अनाज में 14% प्रोटीन, 44.1 पी.पी.एम. जिंक और 42.8 पी.पी.एम. लोहा होता है, जो कि अन्य किस्मों से अधिक है।
  • महाराष्ट्र राज्य बीज एजेंसी, 'महाबीज' किसानों के लिए इस प्रमाणित बीज एम.ए.सी.एस. 6478 का उत्पादन कर रही है।

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