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करैला:सफेद मक्खी/ रस-चूसक कीट

Author : Soumya Priyam

आइये समझते है. करैला के पत्तियों पर रस-चूसक कीट जैसे सफेद मक्खी के डंक मारने तथा विषाणु छोड़ देने से पत्तियाँ ऊपर के तरफ सिकुड़ जाती है.  रस-चूसक कीटों को नियंत्रित करने के लिए,   इनमें से कोई एक कीटनाशक जैसे 12-15  मिली विक्टर या टाटामिडा और 10 ग्रा. शार्प या माणिक अथवा 5 मिली हॉक और 5 ग्रा. ग्रीनतारा को 15  लीटर पानी में घोलकर 8-10 दिनों के अन्तराल पर कम-से-कम दो बार छिडकाव करायें. छिड़काव को प्राभवशाली बनाने के लिए प्रति टंकी 5 मिली. एक्टिवेटर अवश्य मिलाएँ.

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2 September 2020

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