Beej se bajar tak
 खोजें
 / 
 / 
कद्दू वर्गीय फसलों में कैसे करें 3G कटिंग एवं क्या है इसके फायदे?

कद्दू वर्गीय फसलों में कैसे करें 3G कटिंग एवं क्या है इसके फायदे?

लेखक - Surendra Kumar Chaudhari | 25/4/2021

कद्दू वर्गीय फसलें जैसे लौकी, कद्दू, तोरई, करेला, खीरा, तरबूज, आदि पौधों में 3G कटिंग का प्रयोग सबसे अधिक किया जाता है। इसके अलावा भिंडी, बैंगन, मिर्च, आदि में भी 3G कटिंग की जाती है। पौधों में अधिक फल प्राप्त करने के लिए 3G कटिंग एक सरल उपाय है। इस विधि के द्वारा लौकी के एक पौधे से 100 से भी अधिक फल प्राप्त किए जा सकते हैं। यदि आप अभी तक 3G कटिंग की विधि से अवगत नहीं हैं और आपने मन में इससे जुड़े सवाल आ रहे हैं तो अपने सवालों के जवाब के लिए इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें। आइए 3G कटिंग पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

क्या है 3G कटिंग?

  • एक ही पौधे से अधिक फल प्राप्त करने के लिए मुख्य तने एवं शाखाओं की कटाई की जाती है। इस विधि को 3G कटिंग कहते हैं।

कब करें 3G कटिंग?

  • बीज की रोपाई के बाद जब पौधों में 10 से 12 पत्तियां निकल आएं या जब मुख्य तने की लंबाई करीब 60 सेंटीमीटर हो जाये तब पौधों के कटिंग शुरू कर देनी चाहिए।

कैसे करें 3G कटिंग?

  • जड़ से निकलने वाले मुख्य तने में भूमि की सतह से लेकर 7-8 पत्तियों के बीच यदि छोटी शाखाएं निकल रही हैं तो उन्हें काट कर अलग कर दें। इसके बाद करीब 10 से 12 पत्तियों के बाद मुख्य तने के ऊपरी भाग को काट कर अलग करें। इससे पौधों की लंबाई रुकेगी एवं पौधों में नई शाखाएं आएंगी।

  • मुख्य तने में दो शाखाओं के अलावा अन्य सभी छोटी शाखाओं को काट कर अलग करें।

  • कुछ दिनों बाद मुख्य तने से निकलने वाली शाखाओं में भी कई शाखाएं निकलने लगेंगे। इनमें कुछ शाखाओं को छोड़कर अन्य को काट कर अलग करें।

3G कटिंग के क्या फायदे हैं?

  • पौधे के मुख्य तने में 90 प्रतिशत नर फूल निकलते हैं।

  • पहली कटिंग करने के बाद निकलने वाली दूसरी शाखाओं में 50 प्रतिशत नर फूल निकलते हैं।

  • वहीं दूसरी शाखाओं से निकलने वाली अन्य शाखाओं में 90 प्रतिशत मादा फूल निकलते हैं।

  • इससे एक ही पौधे में कई मादा फूल एवं उन मादा फूलों से कई फल प्राप्त होते हैं।

  • इस तरह हम एक ही पौधे से 5 गुना अधिक फल प्राप्त कर सकते हैं।

  • पैदावार में वृद्धि होने के कारण किसानों को अधिक मुनाफा होता है।

3G कटिंग के समय रखें इन बातों का ध्यान

  • 3G कटिंग के लिए कम से कम 20 से 30 दिन पुराने पौधे का चयन करें।

  • कटिंग करने के समय पौधों की लंबाई कम से कम 60 सेंटीमीटर होनी चाहिए।

  • कटिंग करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि पौधों में कोई रोग या कीट का प्रकोप न हो।

  • किसान 3G कटिंग तो करते हैं लेकिन नई शाखाओं से निकलने वाली अन्य छोटी शाखाओं को नहीं तोड़ते। इससे शाखाओं की संख्या आवश्यकता से अधिक हो जाती है और फलों को उचित मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाता। फलस्वरूप फलों का आकार छोटा रह जाता है। इसलिए 3G कटिंग करते समय इस बात का ध्यान रखें कि पौधों में बहुत अधिक शाखाएं न हो।

यह भी पढ़ें :

  • कद्दू एवं लौकी की फसल में गमोसिस रोग से निजात पाने के तरीके जानने के लिए यहां क्लिक करें।

हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको यह जानकारी पसंद आई है तो इस पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसान मित्रों के साथ साझा भी करें। जिससे अन्य किसान मित्र भी इस जानकारी का लाभ उठाते हुए 3G कटिंग के द्वारा कद्दू वर्गीय फसलों में अधिक फल प्राप्त कर सकें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें। कृषि संबंधी अन्य रोचक रंजारियों के लिए जुड़े रहें देहात से।

13 लाइक और 0 कमेंट
यह भी पढ़ें -
पेठे की उन्नत किस्में
पेठे की उन्नत किस्में
संबंधित वीडियो -
बेल वाली फसलों की कैसे करें देखभाल?

कृषि विशेषज्ञ से मुफ़्त सलाह के लिए हमें कॉल करें

farmer-advisory

COPYRIGHT © DeHaat 2022

Privacy Policy

Terms & Condition

Contact Us

Know Your Soil

Soil Testing & Health Card

Health & Growth

Yield Forecast

Farm Intelligence

AI, ML & Analytics

Solution For Farmers

Agri solutions

Agri Input

Seed, Nutrition, Protection

Advisory

Helpline and Support

Agri Financing

Credit & Insurance

Solution For Micro-Entrepreneur

Agri solutions

Agri Output

Harvest & Market Access

Solution For Institutional-Buyers

Agri solutions

Be Social With Us:
LinkedIn
Twitter
Facebook