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जानें भैंस की कुछ प्रमुख नस्लें

Author : Dr. Pramod Murari

पिछले कुछ वर्षों में दूध की खपत बढ़ने के साथ डेयरी व्यवसाय भी तेजी से बढ़ने लगा है। ऐसे में भैंस पालन के द्वारा आप भी अच्छा मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। भैंस पालन शुरू करने से पहले इसकी कुछ प्रमुख नस्लों की जानकारी होना आवश्यक है। भारत में भैंस की करीब 23 नस्लें हैं। आइए इस पोस्ट के मध्य से हम भैंस की कुछ प्रमुख नस्लों पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

  • मुर्रा/मुर्राह : यह भारत के लगभग सभी क्षेत्रों में पाई जाती है। यह विश्व में भैंस की सबसे अच्छी दुधारू नस्ल है। इस नस्ल की भैंस गहरे काले रंग की होती हैं। इसके सींग छोटे एवं मुड़े हुए होते हैं। इस नस्ल की भैंस प्रति दिन करीब 5 से 6 किलोग्राम दूध का उत्पादन करती है।

  • जाफराबादी : यह भैंस की सबसे भारी नस्ल है। इसके सिर के आगे सफेद निशान होने के कारण इसे नव चंद्र नाम से भी जाना जाता है। यह अधिक दूध उत्पादन करने वाली नस्लों में से एक है। इस नस्ल की भैंस प्रति दिन करीब 7 से 8 किलोग्राम दूध का उत्पादन करती है। दूध में 7 से 8 प्रतिशत तक वसा की मात्रा पाई जाती है।

  • भदावरी : इस नस्ल की भैंस मध्यम आकार की होती है। इसके पैर छोटे एवं मजबूत होते हैं। इस नस्ल की व्यस्क भैंस का वजन 300 से 400 किलोग्राम तक होता है। इस नस्ल की भैंस प्रति दिन करीब 5 से 6 किलोग्राम दूध का उत्पादन करती है। इसके दूध में वसा की मात्रा अधिक होती है। भदावरी भैंस के दूध में 8 से 14 प्रतिशत तक वसा की मात्रा पाई जाती है। वसा की मात्रा अधिक होने के कारण दूध की जगह दूध से घी निकाल कर भी बेचा जा सकता है।

इन नस्लों के अलावा सुरती, मेहसाना, गोदावरी, सांभलपुरी, नागपुरी, साथकनारा, तराई, टोड़ा, आदि नस्ल की भैंसों का पालन भी प्रमुखता से किया जाता है।

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3 December 2021

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