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हाइड्रोपोनिक्स तकनीक : बिना मिट्टी के खेती करने का एक अनोखा तरीका

Author : Lohit Baisla

खेती के लिए खेत और मिट्टी की आवश्यकता को किसी भी रूप में नकारा नहीं जा सकता है और ऐसा हो भी क्यों न, आखिर सदियों से चली आ रही पारंपरिक खेती प्रक्रिया में मिट्टी और खेत के बिना किसी भी प्रकार की वनस्पति का उत्पादन अंसभव ही प्रतीत होता है। लेकिन अब और नहीं। जी हां आपने सही सुना, खेती में तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण ने कुछ ऐसा ही संभव करके दिखाया है, जहां हाइड्रोपोनिक खेती के जरिए किसान न केवल बिना मिट्टी के खेती कर पाने में सक्षम होंगे बल्कि केवल कुछ ही जगह का प्रयोग कर अलग-अलग प्रकार की सब्जियों को भी इस तकनीक में शामिल कर पाएंगे।

हाइड्रोपोनिक एक ग्रीक शब्द है जिसका अर्थ है बिना मिट्टी के सिर्फ पानी के जरिए खेती। यह एक प्रकार की आधुनिक तकनीक है। जिसमें जलवायु को नियंत्रित कर पाइपों के जरिए खेती की जाती है। तकनीक में तापमान को 15 से 30 डिग्री के बीच रखा जाता है। साथ ही आर्द्रता को 80 से 85 फीसदी पर सेट कर दिया जाता है। तकनीक पूरी तरह से पानी पर आधारित है जिसमें बहुत ही कम मात्रा में बालू या कंकड़ की जरूरत पड़ सकती है।

कैसे होती है हाइड्रोपोनिक खेती?

इस तकनीक के अंतर्गत पाइपों पर पौधे लगाने के लिए पर छेद किए जाते हैं। पौधों की जड़े पानी में डूबी रहती है, जिसमें पौधों की आवश्यकता के आधार पर प्रत्येक पोषक तत्व को बाहरी रूप से घोला जाता है। तकनीक छोटे पौधों वाली फसलें जैसे गाजर, शलजम, मूली, शिमला मिर्च, मटर, स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी, तरबूज, खरबूजा, अनानास, अजवाइन, तुलसी, टमाटर, भिंडी के लिए एक बेहतरीन आविष्कार मानी गई है।

हाइड्रोपोनिक खेती के फायदे

  • तकनीक पूर्ण रूप से पानी पर आधारित है, जिसके बावजूद भी तकनीक का प्रयोग कर 90 फीसदी तक पानी की बचत की जा सकती है।

  • पानी की कमी वाले इलाकों के लिए यह एक बेहतरीन तकनीक है।

  • छोटी नस्ल वाले फलों या सब्जियों की खेती से बेहद कम जगह में अधिक फसल पाई जा सकती है।

  • सिर्फ 100 वर्ग फुट में ही 200 पौधे लगाए जा सकते हैं।

  • बाहरी वातावरण से आने वाले कीटों से भी फसल को सुरक्षा मिलती है।

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खेती बाड़ी में आधुनिकीकरण से किसानों के लिए कई रास्ते खुले हैं। इन्हीं में से एक तकनीक हाइड्रोपोनिक्स का प्रयोग न केवल खेती को आसान बनाती है बल्कि बहुत कम स्थान में फसल विविधीकरण जैसे फायदों से भी हमें परिचित करवाती है। हाइड्रोपोनिक्स से जुड़ी अधिक जानकारी आप देहात टोल-फ्री नंबर 1800-1036-110 के माध्यम से ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें देहात से।


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29 September 2022

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