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गन्ना : सही समय पर उर्वरक प्रबंधन एवं मिट्टी चढ़ा कर लें अधिक पैदावार

गन्ना : सही समय पर उर्वरक प्रबंधन एवं मिट्टी चढ़ा कर लें अधिक पैदावार

लेखक - Soumya Priyam | 12/4/2022

गन्ने की फसल की बुवाई अक्टूबर-नवंबर महीने में की जाती है। वहीं वसंतकालीन गन्ने की खेती फरवरी-मार्च के महीने में की जाती है। गन्ने की फसल से अधिक पैदावार लेने के लिए किसान को योजनाबद्ध तरीके से इसकी खेती करनी चाहिए। फसल में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए समय-समय पर खाद की आवश्यकता होती है। वहीं इसकी लम्बाई अधिक होने से इसके गिरने की भी संभावना बनी रहती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए किसान को फसल पर मिट्टी चढ़ानी चाहिए। लेकिन अगर हमारे किसानों को इनका सही समय व तरीका नहीं पता है तो घबराएं नहीं। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपके इन्हीं सवालों का जवाब देंगे। जानकरी लेने के लिए पढ़िए आर्टिकल।

खाद का प्रयोग करने का सही समय एवं मात्रा

  • जुताई के समय 50 क्विंटल गोबर की खाद मिट्टी में डालें। जिससे भूमि में नमी बनी रहें।

  • गन्ने की बुवाई से पहले सिंगल सुपर फास्फेट 150 किलोग्राम, 50 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश, 25 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से खेत में डालें।

  • बेहतर पैदावार के लिए गन्ने की फसल में पोटाश एवं फॉस्फोरस का प्रयोग मिट्टी की जांच के बाद ही करें।

  • इसके अलावा प्रति एकड़ खेत में 10 किलोग्राम रीजेंट का भी प्रयोग करें।

  • बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं।

  • इसके अलावा आप वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग भी कर सकते हैं।

  • मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बनी रहें इसलिए एजोटोबैक्टर एवं 4 किलोग्राम पी.एस.बी. को गोबर की खाद में मिलाकर दूसरी सिंचाई के समय प्रयोग करें।

  • बुवाई से 45 दिन बाद खेत में 100 किलोग्राम यूरिया को 2 से 3 बार सिंचाई के समय बराबर मात्रा में बांट कर डालें।

  • तीन साल में एक बार गन्ने की बुवाई से पहले 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट का प्रति एकड़ में प्रयोग करें।

  • इसके अलावा हरी खाद, मुर्गी खाद बायो कम्पोस्ट, गन्ने की सूखी पत्तियां एवं घास फूस की पलटवार कर मिट्टी में मिलाकर प्रयोग कर सकते हैं।

गन्ने पर मिट्टी चढ़ाने का समय रखें इन बातों का ध्यान

  • बारिश से पहले गन्ने पर मिट्टी चढ़ानी चाहिए वरना बारिश के समय फसल गिर जाती है और फसल को काफी नुकसान होता है।

  • गन्ने पर मिट्टी रिजर की मदद से चढ़ाएं।

  • अक्टूबर-नवंबर में बोई गई फसल में पहली मिट्टी फरवरी-मार्च में चढ़ाएं और आखिरी मिट्टी मई के महीने में चढ़ाएं।

  • कल्ले फूटने से पहले मिट्टी नहीं चढ़ाना चाहिए।

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