Beej se bajar tak
 खोजें
 / 
 / 
डेयरी शेड कैसे बनाएं और किन बातों का रखें ध्यान?

डेयरी शेड कैसे बनाएं और किन बातों का रखें ध्यान?

लेखक - Dr. Pramod Murari | 7/6/2021

पशुपालन शुरू करने से पहले कई बातों की जानकारी होना जरूरी है। इनमें पशुओं के लिए आवास के निर्माण की जानकारी भी शामिल है। स्वच्छ एवं आरामदायक आवास में रहने वाले पशुओं का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। जिसका सीधा असर दुग्ध उत्पादन में होता है। इसलिए दुधारू पशुओं के लिए स्वच्छ एवं हवादार आवास का निर्माण करना चाहिए। आइए डेयरी शेड बनाने के लिए कुछ आवश्यक बातों की जानकारी प्राप्त करें।

डेयरी शेड का कैसे करें निर्माण?

डेयरी फार्म मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं। जिनमें खुला डेयरी फार्म, बंद डेयरी फार्म एवं अर्ध खुला डेयरी फार्म शामिल है।

  • खुला डेयरी फार्म : इसे बनाने के लिए पशुओं के आवास के लिए चयनित स्थान के चारों तरफ दीवार बना दी जाती है। इसके अंदर खाने-पीने की व्यवस्था करके पशुओं को खुला छोड़ दिया जाता है। खुला डेयरी फार्म बनाने के लिए स्थान की अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे आवास में पशुओं को बांधकर नहीं रखा जाता इसलिए पशुओं को अधिक आराम मिलता है। हालांकि इस आवास में सभी पशुओं को अलग-अलग खाना देना संभव नहीं है। फलस्वरूप मद में आए पशु दूसरे पशुओं को परेशान करना शुरू कर देते हैं।

  • बंद डेयरी फार्म : इस तरह के फार्म में पशुओं को बांधकर रखा जाता है एवं सभी पशुओं को खाना-पीना भी अलग-अलग दिया जाता है। इस आवास के निर्माण में स्थान के आवश्यकता कम होती है। बंद आवास में रोगी पशुओं का पता लगाने में आसानी होती है। इस तरह के डेयरी फार्म के निर्माण में लागत अधिक होती है।

  • अर्ध खुला डेयरी फार्म : इस तरह के आवास पशुपालकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी है। अर्ध खुले आवास में पशु ज्यादातर समय खुले घूमते हैं। पशुओं को केवल दूध निकालने के समय एवं इलाज के समय बांधा जाता है। अर्थ खुले आवास का कुछ हिस्सा खुला एवं कुछ ऐसा ढका हुआ रहता है। छोटे बछड़े या बछड़ियों एवं ब्याने वाले पशुओं को अलग से ढके हुए स्थान में रखा जाता है। इसके साथ ही पशुओं को दिए जाने वाले आहार को रखने के लिए भी ढके हुए स्थान का निर्माण किया जाता है। अर्ध खुले आवास का एक हिस्सा ढका हुआ एवं तीन हिस्सा खुला रहता है।

डेयरी शेड के निर्माण के समय रखें इन बातों का ध्यान

  • डेयरी शेड के लिए हमेशा समतल स्थान का चयन करना चाहिए।

  • पशुओं का आवास अन्य जगहों की तुलना में थोड़ी ऊंचाई पर होनी चाहिए। जिससे वर्षा होने पर जल जमाव की स्थिति उपन्न न हो।

  • पशुओं के आवास में जल निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

  • आवास साफ-सुथरी होनी चाहिए।

  • पशुओं के आवास में हवा का आवागमन एवं सूर्य का प्रकाश होना भी जरूरी है।

  • दूध ले जाने, पशुओं को चारा-पानी देने में कठिनाई न हो इसलिए डेयरी शेड पशु पालकों के आवास के समीप होना चाहिए।

  • पशुओं के आवास में बिजली एवं पानी की उपलब्धता का भी विशेष ध्यान रखें।

  • पशु आवास में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए पशुओं का गोबर, मूत्र, खाने-पीने के बर्तन या नाद आदि की नियमित सफाई करें।

यह भी पढ़ें :

हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको यह जानकाररी पसंद आई है तो इस पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य पशुपालकों एवं किसानों के साथ साझा भी करें। जिससे अधिक से अधिक व्यक्तियों तक यह जानकारी पहुंच सके। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें। पशु पालन एवं कृषि संबंधी अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें देहात से।

25 लाइक और 2 कमेंट
यह भी पढ़ें -
दुधारू पशुओं में आफरा रोग के लक्षण एवं बचाव
दुधारू पशुओं में आफरा रोग के लक्षण एवं बचाव
संबंधित वीडियो -
भेड़ पालन की सम्पूर्ण जानकारी

कृषि विशेषज्ञ से मुफ़्त सलाह के लिए हमें कॉल करें

farmer-advisory

COPYRIGHT © DeHaat 2022

Privacy Policy

Terms & Condition

Contact Us

Know Your Soil

Soil Testing & Health Card

Health & Growth

Yield Forecast

Farm Intelligence

AI, ML & Analytics

Solution For Farmers

Agri solutions

Agri Input

Seed, Nutrition, Protection

Advisory

Helpline and Support

Agri Financing

Credit & Insurance

Solution For Micro-Entrepreneur

Agri solutions

Agri Output

Harvest & Market Access

Solution For Institutional-Buyers

Agri solutions

Be Social With Us:
LinkedIn
Twitter
Facebook