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बैंगन का छोटी पत्ती रोग

Author : Lohit Baisla

भारत के अलावा बैंगन की खेती बांग्लादेश, पाकिस्तान, चीन, फिलिपिंस, फ्रांस और इटली जैसे देशों में की जाती है। बैंगन की फसल में कई तरह के रोग लगते हैं। जिनमें एक है छोटी पत्ती का रोग। इस रोग को बांझी रोग भी कहते हैं। इस रोग से बैंगन की उपज में 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इस पोस्ट के माध्यम से आप इस रोग के लक्षण एवं बचाव के उपाय देख सकते हैं।

रोग के लक्षण

  • इस रोग के होने पर पौधों की पत्तियां छोटी रह जाती हैं।

  • संक्रमित पौधों में फल-फूल नहीं लगते हैं।

  • यदि फल लग भी जाए तो फल कठोर हो जाते हैं और उनका आकार भी छोटा रह जाता है।

  • इस रोग से प्रभावित पौधों का विकास रुक जाता है।

  • कई बार इस रोग से प्रभावित पौधे झाड़ियों की तरह दिखने लगते हैं।

बचाव के उपाय

  • बैंगन में छोटी पत्ती रोग रस चूसक कीट और लीफ हॉपर कीट के द्वारा एक पौधे से दूसरे पौधे में फैलता है।

  • प्रभावित पौधों को खेत से बाहर निकाल कर जला कर नष्ट कर दें या फिर मिट्टी में दबा दें।

  • इस रोग से बचने के लिए खेत में खरपतवार पर नियंत्रण करें।

  • पौधों की रोपाई के समय के पौधों के बीच पर्याप्त अंतराल रखने का विशेष ध्यान रखें।

  • फसल चक्र को अपना कर इस रोग से पौधों को बचाया जा सकता है।

  • खेत के चारो तरफ अवरोधक फसलें लगाएं जिससे यह रोगवाहक को सीधे आपकी फसल पर हमला करने से रोक सकें।

  • थियामेथोक्सैम, इमिडाक्लोरपीड या एसिटामाइप्प्रिड का प्रयोग कर कीट वाहकों (रस चूसक कीट व लीफ़ हॉपर) की रोकथाम करें।

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2 September 2020

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