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बासमती की नई किस्मों से मिलेगी अधिक पैदावार

बासमती की नई किस्मों से मिलेगी अधिक पैदावार

लेखक - Soumya Priyam | 26/2/2021

धान की खेती करने वाले किसानों को मिली बासमती की नई सौगात। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के द्वारा बासमती की 3 नई किस्में विकसित की गई हैं। इन किस्मों की खेती कर के किसान अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।

जम्मू, कठुआ और सांबा के किसान पिछले कुछ वर्षों से बासमती 370 किस्म की खेती कर रहे हैं। इस किस्म की गुणवत्ता तो बहुत अच्छी है लेकिन उत्पादन काफी कम है। कम उत्पादन होने के कारण किसानों को उचित मुनाफा नहीं मिल पाता है। ऐसे में शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा विकसित की गई बासमती की 3 नई किस्में बासमती 143, जम्मू बासमती 118 और जम्मू बासमती 123 किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। हालांकि सभी नई किस्मों की गुणवत्ता बासमती 370 की तरह ही है, लेकिन पैदावार करीब दोगुनी होगी।

बात करें बासमती 370 की तो अपनी गुणवत्ता के लिए यह किस्म विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। इस किस्म की खेती करने पर प्रति एकड़ भूमि से 8 से 8.8 क्विंटल पैदावार होती है। इस किस्म के पौधों की ऊंचाई 150 से 160 सेंटीमीटर होती है। तेज हवा चलने पर पौधों के गिरने की समस्या शुरू हो जाती है।

नई किस्मों की उपज एवं विशेषताएं

  • बासमती 118 : विकसित की गई नई किस्मों में इस किस्म की पैदावार सबसे अधिक होती है। प्रति एकड़ भूमि से 18 से 18.8 क्विंटल धान की उपज होती है। यह जल्दी तैयार होने वाली बौनी किस्म है। जिस कारण पौधों के गिरने की समस्या नहीं होती है।

  • बासमती 123 : इस किस्म की खेती करने पर प्रति एकड़ भूमि से 16 क्विंटल तक पैदावार होती है। इस किस्म के धान के दानों का आकार भी बड़ा होता है।

  • बासमती 143 : इस किस्म के पौधे काफी लम्बे होते हैं। प्रति एकड़ खेत से 16 से 18 क्विंटल तक पैदावार होती है। कुछ क्षेत्रों के किसानों के सामने पशुओं के चारे के लिए पुआल की कमी की भी समस्या आती है। पौधों की लम्बाई अधिक होने के कारण इससे अधिक पुआल प्राप्त किया जा सकता है।

किन राज्यों में की जा सकती है बासमती की नई किस्मों की खेती?

  • हमारे देश में कई राज्यों को बासमती के लिए जीआई टैग (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन) यानी भौगोलिक उपदर्शन प्राप्त है। जिनमे हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। जीआई टैग प्राप्त इन सभी राज्यों में बासमती की नई किस्मों की खेती की जा सकती है।

कहां से प्राप्त करें नई किस्मों के बीज?

  • शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू में आयोजित होने वाले वार्षिक कृषि मेला से आप बासमती की नई किस्मों के बीज प्राप्त कर सकते हैं। इस वर्ष इस कृषि मेला का आयोजन दिनांक 16 मार्च 2021 से 20 मार्च 2021 तक किया जाएगा।

  • इन नई किस्मों की केवल 600 क्विंटल बीज उपलब्ध है। इसलिए सभी किसानों को 2 किलोग्राम बीज उपलब्ध कराई जाएगी। आने वाले कुछ वर्षों में अधिक से अधिक किसानों को बीज उपलब्ध कराने के लिए बीज की मात्रा बढ़ाई जाएगी।

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