Details

बागवानी के लिए बेहतरीन तकनीक, पुराने बाग में भी जोरदार पैदावार

Author : Soumya Priyam

इजरायली तकनीक

  • यह बागवानी पौधों के पुनर्योवन की एक तकनीक है जिसके अंतर्गत पेड़ को बिना काटे ही उसको एक नए पेड़ में बदल दिया जाता है।

  • इस तकनीक के अंतर्गत पुराने पेड़ों की 6 से 7 फुट की ऊंचाई वाली शाखाओं को काट दिया जाता है और कटे हुए भाग पर कॉपर आक्सिलोराइड या चूने का लेप लगा दिया जाता है।

  • पेड़ के कटे भाग से केवल थोड़े ही समय में नई शाखाएं विकसित होती हैं। जिनमें लगभग एक वर्ष के अंतर्गत फल बनने प्रारम्भ हो जाते हैं।

तकनीक का सिद्धांत

  • पेड़ों के कटे भाग में कलियां विकसित होती हैं, जो शाखाओं के पीछे की ओर सक्रिय होकर नई शाखाएं पैदा करती हैं।

  • जब शाखाओं को काट दिया जाता है, तो जड़ में असंतुलन पैदा हो जाता है। शूट अनुपात परिणामस्वरूप पौधे से नए अंकुर पैदा होते हैं जो इसे संतुलित करते हैं।

शाखाओं की कटाई के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

  • शाखाओं की कटाई के लिए दिसंबर से जनवरी माह का समय उपयुक्त होता है।

  • शाखाओं को तेज धार वाले उपकरण से काटें जिससे उनमें घाव न बनने पाएं।

  • तकनीक का प्रयोग मोटे तने वाले पेड़ों पर ही करें। जैसे- आम, आडू, अमरूद, बेर इत्यादी।

  • नए अंकुरण में से केवल एक अंकुर को ही रहने दें।

  • यदि पेड़ अधिक पुराना है तो सभी शाखाओं को एक साथ न काटें।

  • बाग की अच्छे से जुताई करें ।

  • प्रति पेड़ लगभग 1 किलोग्राम यूरिया का प्रयोग उर्वरक के तौर पर करें।

  • नई रोपण टहनियों को पाले से बचाएं, इसके लिए चावल के भूसे या पॉलिथीन जैसे उत्पाद प्रयोग में लाए जा सकते हैं।

  • पेड़ को कीट और रोग के संक्रमण से बचाए रखें।

तकनीक से होने वाले लाभ

  • पेड़ों की उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है।

  • कम समय में अधिक आर्थिक लाभ मिलता है।

  • फलों की गुणवत्ता में सुधार होता है।

  • नए पौधे उगाने की अपेक्षा लागत में कमी आती है।

यह भी पढ़ें:

इजरायली तकनीक से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए आप हमें अपने सवाल कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं।

आशा है पोस्ट में दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी, कृपया इसे लाइक करें और अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें। जिससे सभी किसान इस जानकारी का लाभ उठा सकें। कृषि संबंधित ज्ञानवर्धक और रोचक जानकारियों के लिए जुड़े रहें देहात से।

28 July 2022

share

No comments

Ask any questions related to crops

Call our customer care for more details
Take farm advice