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कृषि समाचार

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24 February 2021
सरकार नए जमाने की खेती के लिए दे रही है 50 हजार रुपये, जानिए PKVY योजना के बारे में सबकुछ आर्गेनिक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने पर सरकार लगातार जोर दे रही है. लेकिन ज्यादातर किसानों को इसे लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं है कि आखिर आर्गेनिक खेती कैसे होगी. उसके लिए सर्टिफिकेट कहां से मिलेगा और इसका बाजार क्या है? ऐसी खेती के लिए जरूरी चीजें कहां से मिलेंगी. एग्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए जैविक खेती पोर्टल (https://www.jaivikkheti.in/) बनाया है. इस पर किसानों को इससे जुड़ी सभी जानकारियां मिलेंगी. आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए PKVY (Paramparagat Krishi Vikas Yojana) बनाई है. जिससे आपको प्राकृतिक खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये मिल रहे है. क्या है PKVY Paramparagat Krishi Vikas Yojana  केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने केंद्र सरकार ने जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए PKVY Paramparagat Krishi Vikas Yojana की शुरुआत की है. भारत में जैविक खेती की तरफ किसानों का ध्‍यान 2004-05 से बढ़ा है. जब जैविक खेती पर राष्‍ट्रीय परियोजना (एनपीओएफ) की शुरूआत की गई. नेशनल सेंटर ऑफ आर्गेनिक फार्मिंग के मुताबिक 2003-04 में भारत में जैविक खेती सिर्फ 76,000 हेक्टेयर में हो रही थी जो 2009-10 में बढ़कर 10,85,648 हेक्टेयर हो गई. केंद्रीय कृषि मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समय करीब 27.77 लाख हेक्टेयर में जैविक खेती हो रही है. इनमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, यूपी, ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड और असम अच्छा काम कर रहे हैं. इंटरनेशनल कंपीटेंस सेंटर फॉर आर्गेनिक एग्रीकल्चर (ICCOA) के मुताबिक भारत में जैविक उत्पादों का बाजार 2020 तक 150 करोड़ अमेरिकी डॉलर (11,250 करोड़ रुपये) का आंकड़ा हासिल कर लेगा.केंद्रीय आयात निर्यात नियंत्रण बोर्ड (एपीडा-APEDA) के मुताबिक भारत ने 2017-18 में लगभग 1.70 मिलियन मीट्रिक टन प्रमाणिक जैविक उत्पाद पैदा किया. साल 2017-18 में हमने 4.58 लाख मीट्रिक आर्गेनिक उत्पाद एक्सपोर्ट किए. इससे देश को 3453.48 करोड़ रुपये मिले. भारत से जैविक उत्पादों के मुख्य आयातक अमेरिका, यूरोपीय संघ, कनाडा, स्विट्जरलैंड, आस्ट्रेलिया, इजरायल, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, न्यूजीलैंड और जापान हैं. PKVY Paramparagat Krishi Vikas Yojana में मिलते है 50 हजार रुपये इसके तहत तीन साल के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है. सरकार इसमें किसानों को जैविक खाद, जैविक कीटनाशकों और वर्मी कंपोस्ट आदि खरीदने के लिए 31,000 रुपये (61 प्रतिशत) देती है. मिशन आर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ इस्टर्न रीजन के तहत किसानों को जैविक इनपुट खरीदने के लिए तीन साल में प्रति हेक्टेयर 7500 रुपये की मदद दी जा रही है. स्वायल हेल्थ मैनेजमेंट के तहत निजी एजेंसियों को नाबार्ड के जरिए प्रति यूनिट 63 लाख रुपये लागत सीमा पर 33 फीसदी आर्थिक मदद मिल रही है. मुझे कैसे मिलेगा जैविक खेती का सर्टिफिकेट जैविक खेती प्रमाण पत्र लेने की एक प्रक्रिया है. इसके लिए आवेदन करना होता है. फीस देनी होती है. प्रमाण पत्र लेने से पहले मिट्टी, खाद, बीज, बोआई, सिंचाई, कीटनाशक, कटाई, पैकिंग और भंडारण सहित हर कदम पर जैविक सामग्री जरूरी है. यह साबित करने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री का रिकॉर्ड रखना होता है. इस रिकॉर्ड के प्रमाणिकता की जांच होती है. उसके बाद ही खेत व उपज को जैविक होने का सर्टिफिकेट मिलता है. इसे हासिल करने के बाद ही किसी उत्पाद को ‘जैविक उत्पाद’ की औपचारिक घोषणा के साथ बेचा जा सकता है. एपिडा ने आर्गेनिक फूड की सैंपलिंग और एनालिसिस के लिए एपिडा ने 19 एजेंसियों को मान्यता दी है. आपको बता दें कि सिक्किम ने खुद को जनवरी 2016 में ही 100 फीसदी एग्रीकल्चर स्टेट घोषित कर दिया. उसने रासायनिक खादों और कीटनाशकों को चरणबद्ध तरीके से हटा दिया. एपीडा (APEDA) के मुताबिक पूर्वोत्तर के इस छोटे से प्रदेश ने अपनी 76 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को प्रमाणिक तौर पर जैविक कृषि क्षेत्र में बदल दिया है. सिक्किम राज्य जैविक बोर्ड का गठन किया. सिक्किम आर्गेनिक मिशन बनाया. आर्गेनिक फार्म स्कूल बनाए. ‘बायो विलेज’ बनाए. वर्ष 2006-2007 आते-आते केंद्र सरकार से मिलने वाला रायानिक खाद का कोटा लेना बंद कर दिया. बदले में किसानों को जैविक खाद देना शुरू किया. किसानों को जैविक बीज-खाद उत्पादन के लिए प्रेरित किया. और पढ़ने के लिए क्लिक करें: 👉 https://www.tv9hindi.com/agriculture/paramparagat-krishi-vikas-yojana-what-is-pkvy-scheme-which-scheme-of-government-promotes-organic-farming-in-india-472079.html
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