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Karan

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14 May 2021
धान फसल में सिंचाई प्रबंधन | Irrigation Management at Various Stages for Paddy Crop धान की फसल में मुख्य रूप से अत्यधिक जल की आवश्यकता होती है। धान में मुख्यतः नर्सरी अवस्था, वृद्दि की अवस्था, कन्से निकलने की अवस्था, गांठ बनने की अवस्था, फूल बनने की अवस्था व पकने की अवस्था होती है। धान की फसल में लगभग 40-45 दिन की अवस्था में खेत से जल निकासी की व्यस्था आवश्यक रूप से किया जाना चाहिए। तथा कन्से बनते समय भी धान के खेत में अत्यधिक पानी की मात्रा नहीं होना चाहिए। कन्से बनते समय लगभग खेत मे 2 से.मी. होना चाहिए। इससे ज्यादा होने पर कंसो की संख्या प्रभावित होती है। दाने भरने की अवस्था में पानी की कमी होने पर दानो की संख्या व वजन में विपरीत प्रभाव पड़ता है। कटाई से 8-10 दिनों के पूर्व खेत से जल निकासी की व्यवस्था हो जानी चाहिए।
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