Beej se bajar tak
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Ankit Singh

Ankit Singh

25 October 2021
Podcast, 2850- बीज और अंकुरण Ram Kisan, किसान पाठशाला BALRAM KISAN और आज हम जानेंगे बीज और अंकुरण के बारे में. बीज रायफल के अंदर पाया जाता है. और फल का. मुख्य कार्य होता है बीज को सुरक्षा देना. बीजू को पराया गोदामों में भंडारित किया जाता है. बीजू को ईटों से सुरक्षा के लिए गामा किरणों का उपयोग किया जाता है. बीज. वह चीज होती है जो. अगली पीढ़ी को ट्रांसफर किया जाए. किसी भी बीज के दो भाग होते हैं एक अंदर का भाग होता है और एक बाहर का भाग होता. बाहरी भाग को हम टेस्ट कहते हैं. आंतरिक भाग मतलब जो अंदर का हिस्सा होता है उसे राइटिंग में कहा जाता है. अब आप टेस्टआउट इगमा को कुछ इस तरह से भी समझ सकते हैं. जैसे हम एक एग्जांपल लेते हैं चने का वहां से आपको आसानी से समझ में आ जाएगा चलने की जो ऊपर की परत रहती है उसे टेस्टर कहते हैं और चने के अंदर का जो भाग होता है उसे भी घुमा के. बाहरी भाग टेस्टा अंदर का भाग टिकना. जब बीच को हम ध्यान से देखते हैं तो उसमें एक छेद होता है. आम तरस सभी वीडियो में एक शेर होता है. और उस क्षेत्र को हम कहते हैं माइक्रो पाए. अभी हमने एक एग्जांपल लिया था चने. अब उसने को अगर आप ध्यान से देखेंगे तो उसकी नोक के ऊपर जो एक छेद होता है. उसी क्षेत्र को माइक्रो पाई कहा जाता है. अब सवाल ये उठता है कि माइक्रो पाई करता क्या. जब हम चने को पानी में डूब होते हैं तो वह माइक्रोफाईचे पानी अपने अंदर लेता है और खुल जाए. चने की जगह पर अगर आप मटर को पानी में भिगो इंगे तो वह कम खुलता है या यूं कहें कि वह देरी से खुलता है ऐसा इस कारण से होता है क्योंकि उसका माइक्रो पाई मतलब कि वह जो छेद है वह छोटा होता. वैसे हमें यह पता चलता है कि बीच के अंदर जो नबी जाती. वह उस क्षेत्र से जाती है जिसको. साइंटिफिक लैंग्वेज में माइक्रो पाई कहा जाता है. जब हम बीज को खेत में बोलते हैं. सबसे ज्यादा. इसकी जरूरत हो. जब बीच को खेत में बोया जाता है उस सबसे ज्यादा उसे फास्फोरस की जरूरत होती. लेकिन यहां पर ध्यान रखने योग्य बात यह है कि बीज. को. अंकुरित होने के बाद में सबसे ज्यादा नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है. अब हम देखते हैं कि जर्मनी सन ऑफ सीधी आने के बीजों का अंकुरण कैसे होता. बीज प्राया निष्क्रिय अवस्था में पड़े हुए रहते हैं. जब हम बीज को नमी देते हैं या पानी में डुबो देते हैं तो पानी में डुबोने और नवी देने से उसमें जो अंकुरण आता है जिसको आम बोलचाल में इस्प्राउट कहते हैं प्रायस सफेद कलर का जो दिखता. उसे अंकुरण कहा जा. तो हम नर्सरी के लिए जो भी बीज तैयार करते हैं तो उस बीज को तैयार करने के लिए या उस बीज को अंकुरित करने के लिए हमें किन-किन चीजों की आवश्यकता हो. प्रायर 4 चीजें होती है. पहली. जल दूसरा नमी या यूं कहें कि आद्रता तीसरा वायु और छोटा होता है तापमान. इन 4 चीजों से मिलकर बीज का अंकुरण. संभव होता. अब हम यहां पर एक सिंपल सा एग्जांपल लेते हैं जो प्राय आमतौर पर सभी किसान भाई अपने घर में कर चुके हम. जैसे आप चने का अंकुरण कैसे लेते. चलो कोई खट्टा करते हैं एक पोटली में बांधे हैं और उन्हें पानी में डूबा. ना कि उन पर पानी छिड़कने. पानी में डूब बोले. जब हम उन्हें पानी में डूब ओके रखते हैं तो वह खुल जाते हैं और खुलने के बाद में. उन में अंकुरण आना प्रारंभ हो जाता है जब हम उसे नवी आने की आद्रता. दिल में रखते हैं. तब उसमें अंकुरण आना चालू हो जाए. इस अंकुरण के लिए एक स्पेसिफिक तापमान की भी रिक्वायरमेंट होती है. अगर आप यही प्रक्रिया एक फ्रिज के अंदर रखकर करेंगे तो वहां पर अंकुरण अच्छे से नहीं होगा या यूं कहें कि नहीं. बहुत ज्यादा तापमान में भी करेंगे तब भी उनका अंकुरण नहीं. तो आपके लिए सिंपल. याद दिलाने वाली चीज है कि प्रायः बीजों का अंकुरण कैसे होता है आपने अपने घर पर एक वैज्ञानिक तौर पर देखा होगा कि चने को आमतौर पर आप भिगो के पानी में रख देते हैं पूरा खुल जाता है खुलने के बाद में उसे हम कपड़े में नमी बनाकर लपेट के रख देते हैं जिससे उसमें अंकुरण आ जाए. शायद सभी बीजों का अंकुरण इसी तरह से आता है. अब यहां पर एक ध्यान रखने योग्य बात यह है कि पौधों को हम सबको पता है कि कार्बन डाइऑक्साइड की आवश्यकता होती है वह कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और आप सीजन छोड़ते हैं लेकिन मजेदार बात यह है कि पौधा जब अंकुरित होता है तो अंकुरित होने से पहले या अंकुरित होते समय उसे कार्बन डाइऑक्साइड कि नहीं उसे ऑक्सीजन की आवश्यकता होती. दूसरा. अंकुरण के लिए जो हारमोंस की रिक्वायरमेंट होती है वह होता है जब रेलिंग हार्मोन. अंकुरण के लिए जबरन हारमोंस की आवश्यकता होती. अब हमने देखा था कि बीच को पराया. गोदाम में भंडारित करके रखा. तो उसमें इस तरह का पेस्ट लगाया जाए. पेस्ट क्यों लगाया जाता वह पेस्ट इसलिए लगाया जाता है कि जो बीज है बीच के अंदर की नमी बाहर ना. अगर बीच के अंदर की नमी निकल गई तो वह बीच मत बीज हो जाता है और वह फिर वह जाऊं नहीं. इसलिए बीच को उपजाऊ बने रहने के लिए उस पर एक पेस्ट लगाया जा. भाइयों यह पेस्ट जो भी लगता है उस में फास्फोरस की मात्रा ज्यादा बढ़ा दी जाती है जिससे कि जब हम भी को बोलेंगे. और बीज अंकुरित होगा तो बीज का अंकुरण के लिए सबसे ज्यादा फास्फोरस की रिक्वायरमेंट होती है तो उसको उस समय फास्फोरस अवेलेबल हो. अब हम देखते हैं कि बीज के. अंकुरण के लिए किन चीजों की आवश्यकता नहीं है. एक आम शांति होती है हमें जो नर्स
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